जुलूस-ए-अली में दिखा देश की एकता का नज़ारा, या अली की सदाओं से गुलज़ार हुई फ़िज़ा

फर्रुखाबाद (अनवर पठान)। हजरत मौला अली के जन्म दिवस के अवसर पर शुक्रवार को रवायती अंदाज में जुलूस निकाला गया। जुलूस में विभिन्न धर्मों के धर्म गुरुओं ने भाग लिया।
मस्ज़िद वारिसिया से मौला अली का पैगाम लेकर हज़रत अली के चाहने बालो ने से जुलूस-ए-अली निकाला। कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद आफताब हुसैन,मौलाना सदाक़त हुसैन सैथली ने जुलूस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये जुलूस लालदरवाजा, घूमना बाजार,त्रिपोलिया चौक, पक्कपुल होते हुए रकाबबगंज स्थित दरगाह हज़रत अब्बास पर समाप्त हुआ और महफ़िल मकासीदा में तब्दील हो गया। कोरोना की बजह से इस बार महज़ तीन मरकज़ी गाड़िया शामिल रही बही घोड़ो व ऊंट पर सवार नन्हे अली के शैदाई अलग ही नजर आरहे थे। इस अवसर शहर कोतवाल, कई चौकी इंचार्ज को शाल उड़ा कर स्वागत किया। बही जुलूस के आयोजकों का मुस्लिम महासभा की तरफ से रुश्द खान,मेराजुद्दीन आदि ने जोरदार तरीके से स्वागत किया।
नफरतों के इस दौर में जुलूस ए अली हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक बना है जुलूस में मुस्लिम ही नही बल्कि हिन्दू समाज व अन्य समाज़ वर्ग के गणमान्य लोगों ने शामिल होकर एकता के पैगाम को मजबूत किया। नारे हैदरी या अली की सदाओं से माहौल अली के रंग में रंगा हुआ नजऱ आया। शहर के मुख्य मार्गो पर जुलूस ए अली का जगह जगह पुष्प बर्षा के साथ लोगो ने स्वागत किया।
जुलूस में शायर आफताब आलम क़ादरी ने रहबर है अपना सबसे निराला अली अली ,है अपनी ज़िन्दगी का उजाला अली अली,,पढ़ लोगो को नारे हौदरी लगाने पर मजबूर कर दिया।
मौलाना सदाक़त हुसैन सैथली ने कहा कि मौला अली के बताये रास्ते पर चलकर ही कामयाबी मिल सकती है। आयोजक संरक्षक सैय्यद अफताब हुसैन ने मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।
मौलाना फरहत हुसैन ज़ैदी,सूफी पप्पन मियां वारसी, आफाक आलम क़ादरी,ज्ञानी गुरुबचन सिंह, अरुण प्रकाश तिवारी दाद्दुआ आदि ने भी जलसे को खिताब किया। मुमताज हुसैन, नफीस हुसैन, व्यापारी नेता अरुण प्रकाश तिवारी दाद्दुआ,भाजपा व व्यापारी नेता संजय गर्ग,सज़र ज़ैदी,फैज़ान अब्बास,इमरान नकवी,मुजाहिद रिज़वी,शबाब हैदर,आलिम हुसैन,सिख धर्म गुरु ज्ञानी गुरुबचन सिंह ,पादरी कृष्ण मसीह,मनीष टंडन,सलीम हैदर, जावेद हुसैन, फिरोज हुसैन, फुरकान हुसैन, मोहसिन कासमी, इंतजार हुसैन,शबाब खान, ईशान जैदी, इब्राहिम आब्दी आदि मौजूद रहे।
प्रधान सम्पादक अनवर पठान के साथ शानू खान की रिपोर्ट

जुलूस में शामिल अली के शैदाई युवा
जुलूस ए अली की मरकज़ी गाड़ी से कलाम पढ़ते शायर आफताब आलम क़ादरी, साथ मे मुस्लिम महासभा के युवा सेवक रुश्द ख़ान

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