सलमान खुर्शीद को मिली बड़ी जिम्मेदारी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद उस टीम का नेतृत्व करेंगे, जो दो साल बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का घोषणापत्र तैयार करेगी.

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद उस टीम का नेतृत्व करेंगे, जो दो साल बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का घोषणापत्र तैयार करेगी. पार्टी सूत्रों के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में पार्टी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहले ही टीमें बनानी शुरू कर दी हैं. जितिन प्रसाद और राज बब्बर जैसे कांग्रेसी नेता, जिन्होंने पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी को लिखे गए लेटर पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, को नई समितियों में जगह नहीं दी गई है. निर्मल खत्री और नसीब पठान जैसे नेताओं जिन्होंने पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले नेताओं की निंदा की, को रविवार शाम को घोषित पैनलों में जगह मिली है.

पिछले साल लोकसभा चुनावों से पहले, प्रियंका गांधी वाड्रा को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रभार दिया गया था. उनके भाई राहुल गांधी, जो उस समय पार्टी प्रमुख थे, ने अपने करीबी सहयोगी, ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभार दिया था, जो अब भाजपा में शामिल हो गए हैं.

प्रियंका गांधी वाड्रा की नियुक्ति से लोकसभा चुनाव में वोटों पर असर नहीं पड़ा. कांग्रेस ने राज्य में अपना सबसे खराब प्रदर्शन किया था. हालांकि सोनिया गांधी ने रायबरेली को बरकरार रखा, लेकिन राहुल गांधी बीजेपी की स्मृति ईरानी से अमेठी हार गए थे.

अब सलमान खुर्शीद ,जो कि गांधी परिवार के वफादार हैं, को मौका दिया गया है ताकि यूपी में पार्टी की किस्मत बदल सके. अलीगढ़ में पैदा हुए खुर्शीद, संसद में फर्रुखाबाद का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. गांधी परिवार के वफादार, खुर्शीद ने 23 पार्टी नेताओं के असंतोष के बाद  दृढ़ता से गांधी परिवार का समर्थन करते हुए कहा था कि यह आम सहमति का समय है न कि चुनाव का.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने खुर्शीद ने कहा था,”मैंने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि गांधी कांग्रेस के नेता हैं. कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता. यहां तक ​​कि विपक्ष भी इससे इनकार नहीं कर सकता … मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि हमारे पास अध्यक्ष हैं या नहीं. हमारे पास एक नेता हैं (राहुल गांधी) और यह मेरे लिए सुकून की बात है.”

उत्तर प्रदेश के लिए नई टीम में निर्मल खत्री, नसीब पठान हैं. दोनों ने पत्र लिखने वाले नेताओं की निंदा की थी और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. जबकि सलमान खुर्शीद, पीएल पुनिया, आराधना मिश्रा, सुप्रिया श्रीनेट, विवेक बंसल और अमिताभ दुबे मैनिफेस्टो कमेटी में हैं, आउटरीच कमेटी में प्रमोद तिवारी, प्रदीप जैन, गजराज सिंह, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, इमरान मसूद और बलदेव शामिल हैं. वहीं  गुलाम नबी आज़ाद, कपिल सिब्बल, शशि थरूर और आनंद शर्मा जैसे वरिष्ठ नेताओं  को सूची में शामिल नहीं किया गया है.

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